Search This Blog
Saturday, May 02, 2020
Saturday, April 11, 2020
Friday, November 01, 2019
करीब रहने दो
दिल के करीब हैं,
करीब रहने
दो।
पल दो पल के जीवन में,
सुकून देता है,
दोस्ती का
भ्रम।
मुस्कुराने के लिए ही सही
कुछ भ्रम ही, बना रहने दो
।
कर्जदार हूं, आपके स्नेह का
मुझ पर इसे उधार रहने दो।
अपनों की याद दिलाता है ये कर्ज़
चूक ना जाय,
मुझे कर्ज़दार रहने दो।
स्वरचित पंक्तियां दोस्तों को समर्पित
:- डी पी
माथुर जयपुर
Subscribe to:
Posts (Atom)